🎵 हनुमान चालीसा
प्रगट हनुमानजी देवस्थानम्, सूखी सेवनिया

पावन मन्दिर इतिहास

स्थापना, अलौकिक रहस्य और पूजनीय गुरुजी का दिव्य संकल्प

Actual Idol of Pragat Hanuman Ji

श्री प्रगट हनुमान जी

स्वयं भू-गर्भ से प्रकट जाग्रत स्वरूप

Poojniya Guruji

परम पूजनीय गुरुजी

"हनुमान जी की भक्ति ही जीवन का परम सत्य है।"

स्वयं धरा चीरकर प्रकट हुए बाबा

यह पावन क्षेत्र कोई साधारण भूमि नहीं है, बल्कि एक अत्यंत जाग्रत और कलयुग के साक्षात चमत्कार का प्रमाण है। बरखेड़ा अब्दुल्लाह (भोपाल-विदिशा मार्ग) की पावन धरा को चीरकर श्री हनुमान जी महाराज स्वयं साक्षात प्रकट हुए हैं।

मानसून की वह अलौकिक रात

मानसून के समय जब इस क्षेत्र में खुदाई का कार्य चल रहा था, तब अचानक मिट्टी के बीच एक अलौकिक आकृति का आभास हुआ। मजदूरों ने जब मिट्टी हटाई, तो साक्षात बजरंगबली का दिव्य मुखारविंद प्रकट हो गया। सुबह होते-होते भूगर्भ से प्राचीन और अलौकिक हनुमान जी की पूर्ण प्रतिमा प्रकट हो चुकी थी।

ऐतिहासिक 'रेशम मार्ग' (Silk Route)

शोधकर्ताओं के अनुसार, यह स्थान प्राचीन काल के वैश्विक रेशम मार्ग (Silk Route) पर स्थित है। यह मार्ग चीन से शुरू होकर विदिशा-उज्जयिनी तक जाता था। इस प्राचीन मार्ग पर बाबा का प्रकट होना इस भूमि की सदियों पुरानी दिव्यता को दर्शाता है।

मन्नत बाबा का दरबार

यहाँ प्रत्येक मंगलवार को विशेष अर्जी लगाई जाती है। यह दरबार न केवल मन्नत पूरी करने के लिए, बल्कि नशामुक्ति और मानसिक शांति के लिए भी जाना जाता है। अनेक लोग यहाँ आकर शराब व अन्य व्यसनों को हमेशा के लिए छोड़ने का संकल्प लेते हैं।