आध्यात्मिक जीवन और कठोर तपस्या
श्री प्रगट हनुमान जी देवस्थानम् के संस्थापक और मार्गदर्शक परम पूजनीय गुरुजी को श्रद्धालु अगाध श्रद्धा से 'मन्नत बाबा जी' के नाम से पुकारते हैं। गुरुजी का जीवन बचपन से ही प्रभु भक्ति और वैराग्य की ओर अग्रसर रहा। उन्होंने बजरंगबली की अत्यंत कठिन और निष्काम साधना की है, जिसके फलस्वरूप आज उनकी वाणी और सानिध्य में भक्तों को साक्षात शांति की अनुभूति होती है।
मानवता की सेवा और सामाजिक सुधार
गुरुजी का मुख्य संकल्प केवल आध्यात्मिक दीक्षा देना नहीं, बल्कि समाज का कल्याण करना है। उनके सानिध्य में चल रहा देवस्थानम् आज मध्य प्रदेश में **नशामुक्ति का सबसे बड़ा केंद्र** बन चुका है। गुरुजी के प्रेमपूर्ण मार्गदर्शन और आशीर्वाद से अब तक हजारों युवा शराब, गांजा और अन्य जानलेवा व्यसनों को हमेशा के लिए त्याग कर एक खुशहाल पारिवारिक जीवन जी रहे हैं। इसके साथ ही अवसाद (Depression) और मानसिक तनाव से जूझ रहे लोगों को गुरुजी आध्यात्मिक ऊर्जा से नया जीवन प्रदान करते हैं।